किसान चाहे वह बुंदेलखंड का हो ,या देश के किसी भी कोने का ,हालात कमोवेश एक जैसे हैं .संजय पांडे जी भी किसानो के बारे में कुछ ठोस कहने की बजाये उसी सस्ती लोकप्रियता के शिकार हो गए जो केवल जुबानी बयानबाजी तक रह जाती है .पिपली लाइव तो केवल मीडिया के पाखंड पर केन्द्रित है.हाँ ,बेचारा नत्था पर कैमरा फोकस हो गया .पाण्डे जी अगर कुछ करने ही चाहते है तो जल संरक्षण ,बावलियों के पुनर्वास ,जड़ी - बूटियों की वैज्ञानिक खेती ,चित्रकूट के बदहाल खिलौना उद्योग ,केन की बालू में पाए जाने वाले बहुमूल्य पत्थरो की तराशी को जीवित करने की कोशिश करें,अवैध खनन से नंगे होते जा रहे पहाड़ों पर सघन वनरोपण की पहल करें तभी कुछ बात बनेगी न की अखबारी बयानबाजी से,अगर सीढ़ी बात चुभी हो तो उसके लिए क्षमा करें.
किसान चाहे
Submitted by root on Mon, 2010-08-23 11:12.किसान चाहे वह बुंदेलखंड का हो ,या देश के किसी भी कोने का ,हालात कमोवेश एक जैसे हैं .संजय पांडे जी भी किसानो के बारे में कुछ ठोस कहने की बजाये उसी सस्ती लोकप्रियता के शिकार हो गए जो केवल जुबानी बयानबाजी तक रह जाती है .पिपली लाइव तो केवल मीडिया के पाखंड पर केन्द्रित है.हाँ ,बेचारा नत्था पर कैमरा फोकस हो गया .पाण्डे जी अगर कुछ करने ही चाहते है तो जल संरक्षण ,बावलियों के पुनर्वास ,जड़ी - बूटियों की वैज्ञानिक खेती ,चित्रकूट के बदहाल खिलौना उद्योग ,केन की बालू में पाए जाने वाले बहुमूल्य पत्थरो की तराशी को जीवित करने की कोशिश करें,अवैध खनन से नंगे होते जा रहे पहाड़ों पर सघन वनरोपण की पहल करें तभी कुछ बात बनेगी न की अखबारी बयानबाजी से,अगर सीढ़ी बात चुभी हो तो उसके लिए क्षमा करें.
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अनिल कुमार /Anil Kumar