रवीन्द्र व्यास
मध्य
प्रदेश के छतरपुर जिले में सोमवार (15 Nov 2010) को एक अनोखे बच्चे ने जन्म
लिया । जिसका दिल (ह्रदय) शरीर के अन्दर नहीं बाहर है । कोई भी इसके धड़कते हुए दिल
को देख सकता है । दुनिया में इस तरह के सिर्फ आठ दस मामले ही सामने आये हें । जिले
के अनगोर गाँव के रहने वाले अशोक साहू की पत्नी सीता ने आज एक शिशु को जन्म दिया ।
अनगोर के स्वास्थ केंद्र में जन्मे इस बालक को जिसने भी देखा हेरान रह गया । क्योंकि
इसका दिल बाहर था । इसे तत्काल ही छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया । जहाँ डाक्टरों ने
इसे इलाज के लिए देहली ले जाने की सलाह दी है । अशोक के यह तीसरी संतान है एक लड़की
और एक लड़का पहले से है । गरीब मजदूर के लिए यह एक बड़ा संकट है । की ले जाने के
लिए पेसे नहीं हैं और इलाज के अभाव में उसका बचना मुश्किल है । सहयोग से आज मंगजिला
प्रशासन के लवार को उसे दिल्ली इलाज के लिए भेजा गया ।
जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. के.के. चतुर्वेदी कहते हैं की बच्चा बड़ा ही अद्भुत है । इसके सीने की हड्डी जिसको स्टर्नम कहते हैं, वह नहीं बनी है, और पूरा ह्रदय इसके शरीर के बाहर है, ये ह्रदय कॉम्पेक्ट हो रहा है, स्पेंड हो रहा है एबच्चा स्वास्थ है एरो रहा है एइसको सिनोसिस नहीं है एबाकी पेरामीटर इसके सब नोर्मल हैं परन्तु ह्रदय इसका शरीर के बाहर है । एसे केस दुनिया में बहुत कम देखने को मिलते हैं । करीब ८.१० केस ही रिकॉर्ड में हैं ।्य इस तरह से ये बहुत ही अदभुत केस है जो देखने को मिला है । इसकी सर्जरी होना बहुत आवश्यक है जो बडे स्तर पर जहाँ कार्डियोथोरिक सर्जन हैं वहां संभव है । हमने इसे । A.I.M.S. ले जाने के लिए अग्रेसित किया है ।। एक तरह का पेदाइसी डिफ्फेक्ट है ।
दिल बाहर की जानकारी लगते ही बालक का पिता अशोक साहू हेरान रह गया वो कहता है की ये तो हमे मालुम नहीं ह्रदय बाहर है वो कह रहे हैं की दिल्ली ले जाओ, हम लोग मजदूरी करते हैं हमारी हेसियत नहीं है की दिल्ली ले जाएँ । बहर हाल जिला प्राशासन ने बच्चे को इलाज के लिए एम्बुलेंस से दिल्ली भेजा । उसके साथ एक डॉ. भी गए हैं ।
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